Cosmolot

Варто скористатися вітальним бонусом, оскільки він надзвичайно популярний на платформах ставок на спорт. Компанія, яка має багато таких рекламних акцій, займає помітне місце на ринку. У випадку з бонусом cosmolot їх можна спостерігати різними способами, як за допомогою бонусів за перший депозит, так і за допомогою бонусів за реєстрацію Космолот, які повністю вільні від зобов’язань із виплатами Космолот Україна.

Ці акції та пропозиції ви можете отримати відповідно до часу в букмекерській конторі «Космолот», маючи можливість користуватися ними постійно. Ви також можете шукати всі бонуси букмекерів, які ми пропонуємо на нашій платформі cosmolot на jsfilms.com.ua.

Russia Ukraine War: यूक्रेन की राजधानी में घुसी रूसी सेना

Russia Ukraine War यूक्रेन की राजधानी में घुसी रूसी सेना
Spread the love

Russia Ukraine War Updates: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने गुरुवार को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध की औपचारिक घोषणा कर दी, जिसके बाद रूसी सेना ने यूक्रेन पर हमला (Russia declares war on Ukraine) बोल दिया. इसके बाद अब यूक्रेन ने भी रूस के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया है और यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) ने सेना को देश भर में तैनात करने के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिया है. इसके साथ ही यूक्रेनी के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अमेरिका और NATO देशों पर भी निशाना साधा है और कहा है कि रूस के साथ लड़ाई में हमें अकेला छोड़ दिया गया.

Russia Ukraine War: रूस को रोकने के लिए यूक्रेन ने उड़ाया पुल

रूस के सैनिक यूक्रेन की राजधानी कीव तक पहुंच गए हैं. इस बीच रूसी सेना को रोकने के लिए तेतरिव नदी पर बना पुल उड़ा दिया है. यूक्रेन की सेना ने रूसी टैंकों को घुसने से रोकने के लिए यह कदम उठाया है. इसके साथ ही रूस ने यह भी दावा किया है कि उसके सैनिकों ने रूस के 2 टैंक भी ध्वस्त किए हैं.

सरेंडर से मना करने पर ली 13 सैनिकों की जान

रूसी युद्धपोत पर मौजूद जवाने ने सरेंडर से मना करने पर यूक्रेन के 13 जवानों को मार दिया. एक वीडियो सामने आया है, जिसमें रूसी युद्धपोत की तरफ से कहा जा रहा है कि ‘मेरा सुझाव है कि आप अपने हथियार डाल दें और आत्मसमर्पण कर दें, वरना आप पर हमला होगा. इसके बाद यूक्रेनी पोस्ट की तरफ से कहा जाता है कि रूसी युद्धपोत जाओ, भाड़ में जाओ. इसके बाद द्वीप पर मौजूद सभी 13 जवानों को मार दिया जाता है.

Russia Ukraine War: ‘रूस ने कीव पर रॉकेट से हमला किया’

यूक्रेन ने दावा किया है कि रूस ने कीव पर रॉकेट से हमला किया है. यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने हमले की जानकारी देते हुए कहा कि पुतिन को रोकें और रूस को अलग-थलग करें. रूस को सभी जगहों से बाहर करें. बता दें कि रूस लगातार यूक्रेन की राजधानी कीव के पास बढ़ रहा है. कीव में मेट्रो स्टेशन लोगों के लिए Bomb शेल्टर का काम कर रहे हैं. रूस के हमले के बाद से कीव के लगभग हर स्टेशन पर बड़ी संख्या में लोगों ने शरण ली है.

Also Read: Russia Ukraine Conflict [Hindi]: रूस से बढ़ते खतरे को देख टेंशन में यूक्रेन, जानिए क्या है पूरा विवाद?

यूक्रेन का दावा- मार गिराए रूस के 800 से ज्यादा सैनिक

रूसी और यूक्रेन की सेना के बीच ब्लैक सी के दक्षिण-पश्चिम में जंग जारी है. इस बीच यूक्रेन की सेना ने दावा किया है कि उन्होंने रूस के 800 से ज्यादा सैनिकों को मार गिराया है. इसके अलावा रूस के 7 विमान और 6 हेलीकॉप्टर भी नष्ट कर दिए हैं.

Russia Ukraine War: यूक्रेन के राष्ट्रपति ने साइबर हैकर्स से मांगी मदद

यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy)  ने अपने देश के साइबर हैकर्स से मदद मांगी है. वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि है उनके देश के सभी हैकर्स रूसी सैनिकों के खिलाफ जासूसी साइबर मिशन चलाने में मदद करें. इससे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति ने गुरुवार को आम लोगों से हथियार उठाने और जंग में शामिल होने की अपील की थी.

सवाल उठता है कि पुतिन ने आखिर क्यों यूक्रेन पर हमला किया। इसके पीछे क्या वजह है?

  • कम से कम 2036 तक रूस में राष्ट्रपति का पद अपने नाम लिख चुके पुतिन की छवि एक सख्त शासक और समझौता ना करने वाले इंसान के तौर पर है।
  • ये भी सही है कि सोवियत संघ के खुफिया तंत्र केजीबी में रहने वाले पुतिन कभी सोवियत संघ के विघटन को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर पाए। यही वजह है कि शासन में आने के तुरंत बाद से ही पुतिन की प्राथमिकता रूस की पुरानी हैसियत दोबारा हासिल करने की रही है। 
  • पुतिन की आतंरिक नीति जहां सोवियत संघ के शासन व्यवस्था की याद दिलाती है वहीं विदेश नीति में पुराने सोवियत संघ की नीति साफ दिखती है। पुतिन ये मानते हैं कि पश्चिम उनका दुश्मन है।
  • रूस पर पाबंदियां लगाकर अमेरिका और उसके मित्र देश रूस के आर्थिक विकास में रोड़े अटकाते हैं। सुरक्षा के मुद्दे पर पश्चिमी देशों को उसके हितों की परवाह नहीं करते और सोवियत संघ के टूटने के बाद बने देशों को अपने पक्ष में करके अमेरिका रूस की घेराबंदी करना चाहता है।
  • यही वजह है कि पुतिन, अमेरिका या फिर यूरोपीय देशों की घेराबंदी रोकने के लिए अक्सर कड़े कदम उठाते रहे हैं। आज यूक्रेन में हमले का एलान करते वक्त पुतिन के शब्दों पर गौर कीजिए जिसमें वो यूक्रेन के सैनिकों को समझा रहे हैं कि रूस के खिलाफ हथियार उठाने से इनकार कर दो क्योंकि हमारा इतिहास एक है। हमने मिलकर नाजियों से लड़ाई की हालांकि उनके इस सलाह में धमकी भी थी।
  • मैं यूक्रेन की आर्मी से कहना चाहूंगा कि आपके पिता-दादा हमारी कॉमन लड़ाई लड़ते रहे। आप अपने हथियार डाल दें और घर चले जाएं। सभी 
  • यूक्रेन के ऐसे सैनिकों को सुरक्षित घरों तक पहुंचाया जाएगा। अगर वो ऐसा नहीं करते तो अंजाम भुगतना होगा। इसके लिए कीव जिम्मेदार है।
  •  पुतिन का ये बयान साफ संदेश है कि या तो लोग उनके दोस्त हैं या फिर विरोधी और जो उनके विरोधी है वो हर हाल में खतरा हैं और वो किसी भी सूरत में अपनी सीमा पर नेटो की हरकत बर्दाश्त नहीं कर सकता। पुतिन की ये नीति सालों पुरानी है।
  • साल 2008 में रूसी सेना ने जॉर्जिया पर आक्रमण किया तो इसके पीछे की वजह यही थी। 2014 में पश्चिमी देशों के समर्थन वाले आंदोलन के बाद मॉस्को समर्थक यूक्रेनी राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच को पद से हटा दिया गया। रूस से इसे भी खुद को घेरने की एक चाल ही माना। नतीजा रूस ने 18 मार्च 2014 को यूक्रेन में सैन्य हस्तक्षेप करके क्रीमियाई प्रायद्वीप पर कब्जा कर लिया।
  • यानी रूस की नीति शीशे की तरह साफ है वो अमेरिका को खतरा मानता है और अपने सीमा से लगे देशों के नेटो में शामिल होने नहीं देना चाहता।
  • जहां तक यूक्रेन का सवाल है तो कभी सोवियत संघ का हिस्सा होने की वजह से यूक्रेन के रूस के साथ गहरे सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनीतिक संबंध हैं। यूक्रेन में करीब 80 लाख रूसी मूल के लोग रहते हैं और यूक्रेन का नाटो और अमेरिका के प्रति झुकाव रूस को बर्दाश्त नहीं है। यही वजह है कि यूक्रेन में हमला कर पुतिन ने ये एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

जवानों के साथ युद्ध के मैदान पर उतरे यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की

रूस जैसे बड़े और ताकतवर देश के हमले के बावजूद यूक्रेन झुकने का नाम नहीं ले रहा है. यूक्रेन का कहना है कि वो किसी भी कीमत पर सरेंडर नहीं करने जा रहे हैं. इस पूरे फैसले में सबसे बड़ा नाम यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की का है, जो लगातार अपनी सेना का मनोबल बढ़ा रहे हैं और मदद के लिए अलग-अलग देशों से बात कर रहे हैं.

Read in English: Russia Ukraine War Update: Is This The Beginning Of The Third World War (WW3)?

जेलेंस्की ने सेना की ही पोशाक पहनी है और जवानों के बीच हालात का जायजा लेते नजर आ रहे हैं. इस दौरान राष्ट्रपति ने देश के सैनिकों का हौसला बढ़ाया और रूस को कड़ा जवाब देने की कोशिश की.

Ukraine Russia War Live: रूस के विदेश मंत्री ने कहा, यूक्रेन लड़ाई बंद करे तो हम बातचीत के लिए तैयार हैं

यूक्रेन युद्ध के बीच रूस बातचीत के लिए तैयार हो गया है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि, रूस बातचीत के लिए तैयार है। न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी विदेश मंत्री ने कहा है कि, एक बार यूक्रेन की आर्मी लड़ना बंद कर दे, तो रूस बातचीत के लिए तैयार है।

IndiaTV

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published.

World Tourism Day 2022: Date, History, Quotes, Celebration and Messages | Tourism in India and Famous Places World Pharmacist Day 2022: Who is the Most Famous Pharmacist in the World?