भारत सरकार ने पासपोर्ट और उससे जुड़ी विभिन्न सेवाओं के शुल्क में संशोधन किया है। विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 के तहत नई शुल्क दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी। इसी बीच मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि भारतीय पासपोर्ट एक यात्रा दस्तावेज है और यह भारतीय नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं है। मंत्रालय के अनुसार यह कानूनी स्थिति नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से लागू है।
पासपोर्ट शुल्क संशोधन 2026: प्रमुख बातें (Key Takeaways)
- 1 जुलाई 2026 से संशोधित पासपोर्ट शुल्क लागू होंगे।
- विदेश मंत्रालय ने 20 जून 2026 को पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 की अधिसूचना जारी की।
- संशोधन पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 24 के तहत किया गया।
- पासपोर्ट नियम, 1980 की अनुसूची-IV को प्रतिस्थापित किया गया।
- नए और पुनः जारी (Reissue) पासपोर्ट, तत्काल सेवा, खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट तथा अन्य यात्रा दस्तावेजों की फीस संशोधित की गई।
- वयस्कों के पासपोर्ट की वैधता अधिकतम 10 वर्ष तथा नाबालिगों के पासपोर्ट की वैधता 5 वर्ष या 18 वर्ष की आयु तक, जो पहले हो, रहेगी।
- MEA ने दोहराया कि पासपोर्ट यात्रा दस्तावेज है, भारतीय नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं।
विदेश मंत्रालय ने जारी की संशोधित अधिसूचना

विदेश मंत्रालय (MEA) ने 20 जून 2026 को जारी अधिसूचना में बताया कि पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 को पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 24 के तहत अधिसूचित किया गया है। अधिसूचना के अनुसार इन नियमों को 1 जुलाई 2026 से प्रभावी किया जाएगा।
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संशोधन के तहत पासपोर्ट नियम, 1980 की अनुसूची-IV को प्रतिस्थापित किया गया है, जिसमें पासपोर्ट और अन्य यात्रा दस्तावेजों से संबंधित शुल्क निर्धारित किए गए हैं। संशोधित शुल्क 1 जुलाई 2026 या उसके बाद जमा किए गए पासपोर्ट आवेदनों पर लागू होंगे।
नए पासपोर्ट और तत्काल सेवा की संशोधित फीस
| सेवा | सामान्य शुल्क | तत्काल शुल्क |
| 36 पृष्ठ का नया/पुनः जारी पासपोर्ट | ₹2,500 | ₹5,000 |
| 60 पृष्ठ का नया/पुनः जारी पासपोर्ट | ₹3,500 | ₹6,000 |
पहले 36 पृष्ठ वाले पासपोर्ट के लिए सामान्य शुल्क ₹1,500 और तत्काल शुल्क ₹3,500 था। वहीं 60 पृष्ठ वाले पासपोर्ट के लिए सामान्य शुल्क ₹2,000 तथा तत्काल शुल्क ₹4,000 था।
खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट पर लागू शुल्क
वयस्क श्रेणी
| सेवा | सामान्य शुल्क | तत्काल शुल्क |
| 36 पृष्ठ | ₹5,000 | ₹7,500 |
| 60 पृष्ठ | ₹6,000 | ₹8,500 |
18 वर्ष से कम आयु के आवेदक
| सेवा | सामान्य शुल्क | तत्काल शुल्क |
| 36 पृष्ठ का खोया/क्षतिग्रस्त पासपोर्ट | ₹4,250 | ₹6,750 |
अन्य यात्रा दस्तावेजों की फीस भी संशोधित

सरकार ने अन्य पासपोर्ट संबंधी सेवाओं के शुल्क में भी संशोधन किया है।
- विदेश में जारी होने वाले इमरजेंसी सर्टिफिकेट की फीस 15 अमेरिकी डॉलर रहेगी।
- सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी की फीस भारत में ₹1,000 तथा विदेश में 50 अमेरिकी डॉलर निर्धारित की गई है।
नाबालिगों और वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगी छूट
विदेश मंत्रालय के अनुसार 8 वर्ष तक के नाबालिगों तथा 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को केवल नए पासपोर्ट आवेदन पर पासपोर्ट शुल्क में 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी। यह छूट पुनः जारी (Reissue) पासपोर्ट पर लागू नहीं होगी।
पासपोर्ट की वैधता में क्या व्यवस्था रहेगी
अधिसूचना के अनुसार वयस्क श्रेणी में जारी पासपोर्ट की वैधता अधिकतम 10 वर्ष रहेगी। नाबालिगों को जारी पासपोर्ट की वैधता 5 वर्ष या आवेदक के 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक, जो पहले हो, रहेगी।
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MEA ने क्यों कहा कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं
चिप-आधारित ई-पासपोर्ट के लाभों की जानकारी देते समय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट का प्राथमिक उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय यात्रा की सुविधा देना और विदेश में पहचान स्थापित करना है।
मंत्रालय ने कहा कि पासपोर्ट भारतीय नागरिकता का निर्णायक (Conclusive) या अंतिम (Definitive) प्रमाण नहीं है। अधिकारियों के अनुसार यह कोई नई व्यवस्था नहीं है।
सरकारी अधिकारियों ने कहा कि पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत गैर-नागरिकों को भी कुछ परिस्थितियों में पासपोर्ट जारी किया जा सकता है। इसलिए केवल पासपोर्ट का होना नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता।
बॉम्बे हाईकोर्ट और विशेषज्ञों का उल्लेख
अधिकारियों ने 2013 के बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि अदालत ने भी स्पष्ट किया था कि केवल पासपोर्ट नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं है।
पूर्व विदेश सचिव निरुपमा राव ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि पासपोर्ट यात्रा दस्तावेज है और नागरिकता का दस्तावेज नहीं। उनके अनुसार पासपोर्ट पासपोर्ट अधिनियम के तहत जारी होता है, जबकि नागरिकता नागरिकता अधिनियम द्वारा नियंत्रित होती है। “एक कानून दस्तावेज को नियंत्रित करता है, जबकि दूसरा कानूनी स्थिति को।”
पूर्व विधि सचिव एवं संवैधानिक कानून विशेषज्ञ पी. के. मल्होत्रा ने कहा कि चूंकि अदालतें पहले भी स्पष्ट कर चुकी हैं कि आधार, EPIC और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज केवल पहचान का प्रमाण हैं और नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं हैं, इसलिए सरकार को ऐसा दस्तावेज लाने पर विचार करना चाहिए जो भारतीय नागरिकता को निर्णायक रूप से प्रमाणित करे।
संशोधित नियमों का दायरा
विदेश मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है कि इन नियमों को “पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026” कहा जाएगा तथा ये 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगे। संशोधित शुल्क अनुसूची उन सभी पासपोर्ट आवेदनों पर लागू होगी जो 1 जुलाई 2026 या उसके बाद जमा किए जाएंगे।
नए नियमों के प्रभाव को समझना
1 जुलाई 2026 से पासपोर्ट और संबंधित यात्रा दस्तावेजों की फीस संशोधित हो जाएगी। इसके साथ ही विदेश मंत्रालय ने पुनः स्पष्ट किया है कि भारतीय पासपोर्ट का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए दस्तावेज उपलब्ध कराना है और इसे भारतीय नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जाता। मंत्रालय ने इस स्थिति को पासपोर्ट अधिनियम, 1967, संबंधित कानूनी प्रावधानों तथा बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्णयों के अनुरूप बताया है।
सत्य और धर्म का मार्ग
पासपोर्ट जैसे आधिकारिक दस्तावेज किसी व्यक्ति की पहचान और यात्रा से जुड़े कानूनी उद्देश्य पूरे करते हैं। वहीं आध्यात्मिक दृष्टि से मनुष्य का वास्तविक मूल्य उसके सत्य, सदाचार और धर्मसम्मत आचरण से जुड़ा माना जाता है।
तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज अपने आध्यात्मिक ज्ञान में बताते हैं कि सत्य पर आधारित जीवन, मर्यादाओं का पालन और सही ज्ञान मनुष्य को सही दिशा प्रदान करता है। आधिकारिक नियमों का पालन करने के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को अपनाना भी समाज और व्यक्ति, दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
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FAQs on Passport Latest News
Q1. नए पासपोर्ट शुल्क कब से लागू होंगे?
उत्तर: संशोधित शुल्क 1 जुलाई 2026 से लागू होंगे।
Q2. 36 पृष्ठ के नए पासपोर्ट का सामान्य शुल्क कितना होगा?
उत्तर: सामान्य शुल्क ₹2,500 और तत्काल शुल्क ₹5,000 होगा।
Q3. क्या पासपोर्ट भारतीय नागरिकता का प्रमाण है?
उत्तर: विदेश मंत्रालय के अनुसार पासपोर्ट यात्रा दस्तावेज है, नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं।
Q4. वयस्क पासपोर्ट की वैधता कितनी रहेगी?
उत्तर: वयस्क श्रेणी के पासपोर्ट की वैधता अधिकतम 10 वर्ष रहेगी।
Q5. किन आवेदकों को 10 प्रतिशत शुल्क छूट मिलेगी?
उत्तर: 8 वर्ष तक के नाबालिगों और 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को नए पासपोर्ट आवेदन पर 10 प्रतिशत छूट मिलेगी।

















